Aug. 13, 2015

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"‪#‎तेरी‬ ‪#‎दोस्ती‬ ‪#‎के‬ ‪#‎दीवाने‬ ‪#‎है‬ ‪#‎इसलिए‬ ‪#‎हाथ‬ ‪#‎फैला‬ ‪#‎दिए‬ ‪#‎ऐ‬ ‪#‎दोस्त‬,
‪#‎वरना‬ ‪#‎हम‬ ‪#‎तो‬ ‪#‎खुद‬ ‪#‎की‬ ‪#‎जिंदगी‬ #के ‪#‎लिये‬ ‪#‎भी‬ ‪#‎दुआ‬ ‪#‎नही‬ ‪#‎करते‬


वो आये या न आये उसकी मर्ज़ी है,
पर उसी राह पर उसका इंतज़ार आज भी करता हूँ मैं

प्यार की बंधी एक डोर थी, जो तोड़ दी हमने !
अब हम चैन से सोयेंगे क्यू की मुहब्बत छोड़ दी हमने !!

**"हम ‪#‎दुवा‬ करते हे की हमारे दुश्मन ‪#‎जन्नत‬ में जाए..., सालें ‪#‎नरक‬ में आयेंगे तो.., हमारे हाथों दोबारा ‪#‎मारे‬ जायेंगे..."

लिखा था राशि में आज खजाना मिल सकता हे
की अचानक गली में दोस्त पुराना दिख गया

मेरी दोस्ती का फायदा उठा लेना क्यूंकि
मेरी दुश्मनी का नुकसान सह नही पाओगे...

खबर मेरे मरने की सुनते ही देखो....
वो हाथो में मेहँदी रचाने लगे हे.....

मुझे ही नहीं रहा शौक़ -ए मोहब्बत वरना…
तेरे शहर की खिड़कियाँ इशारे अब भी करती हैं.

तू औकात की बात मत कर ‪#‎पगली‬
हम तो एड्मिन को भी
ग्रूप से निकाल देते है

'' रिश्ता '' दिल से होना चाहिये ,
शब्दों से नहीं ,
'' नाराजगी '' शब्दों में होनी चाहिये दिल में नहीं...

★→ ‪#‎Tum→‬ पूछती थी ना कितना ‪#‎pyar‬ है →तुमसे,,
लो अब→ गिन लो बूदें ‪#‎Barish‬ की....!◆◆👫🎏


"मैै दुवा करता हूं की मेरे दुश्मन जन्नत में जाए,
सालें नरक में आयेंगे तो, मेरे हाथों दोबारा मारेजायेंगे".........

ना इजहार करती हो..
ना इनकार करती हो..
मतलब साफ है
तुम हमसे प्यार करती हो...

आपका चेहरा हसीन गुलाबो से
मिलता जुलता है,
नशा पीने से जादा
तुमको देखने से चढ़ता है...

"

Gaurav